हमारा समर्पण : शिक्षा, संस्कार और उत्कृष्टता
मथुरा प्रसाद महाविद्यालय, कोंच (जालौन), उत्तर प्रदेश (बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय, झाँसी से सम्बद्ध एवं विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की धारा 2(एफ) एवं 12(बी) से योजित अनुदानित महाविद्यालय)
संस्था का परिचय
बुन्देलखण्ड अंचल के पूर्वोत्तर भाग में स्थित जनपद जालौन के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक नगर एवं क्रौञ्च ऋषि की तपस्थली के रूप में विख्यात कोंच नगर में नवम्बर 1973 से सतत् रूप से कार्यरत मथुरा प्रसाद महाविद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में अपनी सशक्त उपस्थिति बनाए हुए है। यह महाविद्यालय स्वर्गीय मथुरा प्रसाद दीक्षित (पटेल) एवं महन्त श्री राजकिशोरी शरण जी की पुण्य स्मृति को समर्पित एक आदर्श शैक्षिक संस्था है।
महाविद्यालय की स्थापना हेतु श्री जगतनारायण दीक्षित (जरा) द्वारा प्रारम्भिक रूप से ₹41,000/- की धनराशि दान स्वरूप प्रदान की गई, जिसने इस क्षेत्र के अन्य शिक्षा-प्रेमी दानदाताओं को भी प्रेरित किया। सिमिरिया ग्राम के स्वर्गीय महन्त श्री राजकिशोरी शरण जी की उदारता, स्वर्गीय श्री विजयकृष्ण निरंजन (सिमिरिया) तथा स्वर्गीय श्री विजय सिंह (बरौदा) द्वारा प्रदत्त आदर्श भूमि-दान, एवं क्षेत्र के अन्य दानदाताओं तथा प्रबुद्ध नागरिकों के सहयोगात्मक प्रयासों के फलस्वरूप इस महाविद्यालय की स्थापना संभव हो सकी।
एजूकेशन सोसायटी, कोंच महाविद्यालय कोंच द्वारा संचालित यह महाविद्यालय स्नातक एवं परास्नातक स्तर की शिक्षा हेतु बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय, झाँसी से सम्बद्ध है। विश्वविद्यालय से सम्बद्ध इस महाविद्यालय ने समय-समय पर शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ प्राप्त कर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है।
महाविद्यालय में सुसज्जित एवं आधुनिक प्रयोगशालाएँ, विशाल एवं समृद्ध पुस्तकालय, विविध अद्यतन पत्र-पत्रिकाओं से युक्त वाचनालय, विद्यार्थियों हेतु सहज एवं अनुकूल पठन-पाठन की सुविधाएँ उपलब्ध हैं। साथ ही, दो एकड़ से अधिक क्षेत्रफल में फैला भव्य क्रीड़ा प्रांगण, अनुभवी एवं उच्च योग्यतायुक्त प्राध्यापकगण तथा कुशल, मृदुभाषी शिक्षणेतर कर्मचारी इस संस्था की शैक्षणिक गुणवत्ता को और अधिक सुदृढ़ बनाते हैं। यहाँ विद्यार्थियों के अध्ययन एवं शोध हेतु पर्याप्त एवं अनुकूल वातावरण प्रदान किया जाता है।